कृष्ण को रणछोड़ क्यों कहा गया है?

भगवान् श्री कृष्ण को रणछोड़ कहा गया हैं जबकि उन्ही भगवान् श्री राम को रणधीर कहा गया हैं. रणछोड़ यानी युद्ध भूमि से भाग जाना, जबकि भगवान् श्री राम को रणधीर कहा गया, यानी युद्ध में स्थायी रूप से डंटे रहना> यह दोनों रूप भगवान् के श्री राम -श्री कृष्ण, भारत के महान संस्कृति के घोतक हैं. इनके बिना भारत हैं ही नहीं?

जब से भगवान् श्री कृष्ण ने कंश को मारा था, तभी से जरासंध मगध नरेश( बिहार) श्री कृष्ण से जलने लगा था और वो भगवान् को मारने के लिए नए नए यत्न करता फिर रहा था. कंश की पत्नी जरासंध की पुत्री थी इसलिए वो यह सहन नहीं कर पा रहा था की कैसे कोई उसके पुत्री को कोई विधवा उसके रहते कर दें?

जरासंध अतुलनीय शक्ति, बल और प्राकर्म का व्यक्तित्व था और उसके समकछ पुरे भारत और दुनिया में उस समय कोई नहीं था. दूसरी बात यह भी था की वो एक महान शिव भक्त था और महान दानवीर भी था. जब वो शिव जी की पूजा कर सवेरे मंदिर से निकलता था तो उस समय उस राजा से मांगने बाले कतार में दोनों और मंदिर के रास्ते खड़े रहते थे. उस समय जो कुछ भी जरासनाध से लोग मांगते थे , वो बड़े हर्ष के साथ दोनों हांथो से दान करता था. तीसरी बात थी की भगवान् शिव की असीम कृपा उसपर हमेशा बानी रहती थी. इसलिए उससे लड़ने की कोई सोच भी नहीं सकता था.

पर एक मात्र भगवान् श्री कृष्ण थे जो उसके दामाद कंस को मार दिए थे और उसकी पुत्री विधवा हो गयी थी. इसी कारन उसने मथुरा पर अनेको बार हमला कर दिया, पर हर बार उसके सेना को भगवान् श्री कृष्ण और बलराम ने पराजित कर दिया, और कंस को छोड़ दिया, क्योंकि श्री कृष्ण को पता था की यह उनके हाँथ से या किसी हथियार से नहीं मारा जा सकता? अत; उसने मथुरा पर हमला करना नहीं छोड़ा और हर बार वो नए नए सेना के साथ लड़ाई करता था, अंत में भगवान् ने पुरे मथुरावासी सहित द्वारका में समुंदर के बिच में बसने का कार्यक्र्म बनाया?

अत भगवान् श्री कृष्ण पर जब १८ बार जरासंध ने हमला की तो वो रणभूमि छोड़कर भाग गए और सीधा द्वारका जा पहुंचे. इस प्रकार प्रभु ने सागर को निर्देश दिया की अपने बिच में कुछ योजन भूमि दें ताकि मथुरावासी यहाँ बेस और उनका राज्य पात निश्चिंत रहे, क्योंकि सागर के बिच जरासंध नहीं पहुंच सकता था? इसी कारन भगवान् ने सभी सोये हुए मथुराबासी को द्वारका रातो रात पंहुचा दिया और स्वयं द्वारका नगरी बसाकर वही बस गए? बाद में भगवान् ने भीम और अर्जुन सहित मगध नरेश के पास छल से उसे भीम ने वध कर दिया. फिर राजा युधिष्ठिर हस्तिनापुर भारतवर्ष के राजा बन गए.

क्योंकि श्री कृष्ण जरासंध के साथ युद्ध में रणछोडकर भाग गए थे, इसी कारन उन्हें रणछोड़ कहा और उनकी आरती में रणछोड़ अत ही अत हैं, नहीं तो आरती पूरी नहीं होती.

जय सिया राम, हरे राम हरे कृष्ण/

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