भगवन शिव हमे क्या सिखाते है?

भगवान शिव, साम्बसदाशिव, भूतनाथ, अघोर, गिरिजापति, शंकर आदि कितने ही नाम हैं जिससे भगवान को पुकारा जाता है। जिस भक्त की जैसी भावना उसी रूप में भगवान भक्तों की मनोकामना को पूर्ण करते हैं।

वैसे तो भगवान शिव का सम्पूर्ण जीवन ही हमारे लिए शिक्षादायक है परंतु कुछ महत्वपूर्ण एवं सर्वविदित प्रसंगों का उदाहरण निम्नलिखित है:

  1. भस्मासुर प्रसङ्ग: शिव की उदारता एवं सरलता
  2. मार्कण्डेय प्रसङ्ग: शरणागत की रक्षा
  3. मैना रानी प्रसङ्ग: अहंकार का मान मर्दन
  4. सती प्रसङ्ग: परिवार के प्रति प्रेम एवं मान-सम्मान
  5. गङ्गा प्रसङ्ग: उद्वेग को बांधना तथा सीमित रुप मे उसका प्रयोग
  6. हलाहल पान प्रसङ्ग: लोक कल्याण की भावना में अपना जीवन समर्पण
  7. रावण प्रसङ्ग: भक्तों को सर्वोच्च पद प्रदान करना
  8. रामेश्वरम प्रसङ्ग: श्री राम प्रति अगाध श्रध्दा एवं प्रेम
  9. शिव परिवार वाहन: नंदी(बैल), सिंह, मूषक, मयूर, मोर: सभी शत्रु हैं परंतु शिव के सानिध्य में सभी वैमनस्यता त्याग सेवा भाव से साथ रह रहे हैं
  10. गणेश शीश प्रसङ्ग: समय पर दण्ड नीति का पालन

उक्त प्रसंगों के अतिरिक्त भी बहुत से ऐसे द्रष्टांत हैं जिनसे हम शिक्षा मिलती है, भगवान मृत्यु के देवता हैं परन्तु उनसे अधिक दयावान, कृपावान भक्तवत्सल कौन है? कामजयी हैं परंतु अहंकार लेश मात्र भी नहीं हैं।

शिव का वर्णन करने में हो स्वयं ब्रह्मा भी समर्थवान नहीं हैं हम तो तुच्छ प्राणी हैं, उनके कुछ प्रसङ्ग ही यहाँ बता पाया हूँ ।

अगर इसमें कोई अपराध हुआ हो तो क्षमाप्रार्थी हूँ।

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