भगवान शिव के रहस्यमयी स्वरूप से सीख सकते हैं कैसा होना चाहिए जीवन

भगवान शिव जितने रहस्यमयी हैं उनकी वेश-भूषा व उनसे जुड़े तथ्य भी उतने ही विचित्र हैं। शिव श्मशान में निवास करते हैं गले, में नाग धारण करते हैं। भांग व धतूरा ग्रहण करते हैं। शिव पर्व यानी सावन में शिवजी की पूजा का बहुत महत्व है। हिन्दू पंचांग का ये एक महीना शिव के करीब पहुंचने में मदद करता है। इस अवसर पर जानते हैं भगवान शिव से जुड़ी रोचक बातें।

1. पॉवर ऑफ यूनिटी

  • भगवान शिव ने जिस तरह से अपनी शिखा पर गंगा को धारण किया है, उससे एकजुट होने की सीख मिलती है। बिखरे हुए केशों को एकत्र करके शिव ने गंगा के विकराल रूप को शांत स्वरूप में परिवर्तित कर दिया।

2. ब्रॉड विजन

  • शिव त्रिनेत्र हैं। मष्तक पर स्थित उनका तीसरा नेत्र बताता है कि दूरगामी परिस्थियों को नियंत्रित करने के लिए सिर्फ बाहरी नेत्रों का प्रयोग न करें, बल्कि सोच-समझकर निर्णय लें। सदैव दूरगामी परिणामों पर अपनी नजर रखें।Image result for SHIV

3. पेशंस

  • शिव, शशि शेखर हैं, जिन्होंने अपने मस्तक पर चंद्रमा को धारण कर रखा है। चंद्रमा शीतलता और शांति का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में शिव भगवान से सीख मिलती है कि कैसी भी परिस्थिति हो अपना धीरज बिलकुल ना खोएं और मन पर नियंत्रण बनाए रखें।

4. एक्सप्रेशन

  • शिव का एक रूप नीलकंठ भी है, जो कि क्रोध को सहने की सीख देता है। क्रोध सदैव बुद्धि को भ्रमित कर स्वयं और अन्य को परेशानी में डालने वाला माना गया है। ऐसे में क्रोध को पीकर अपने धैर्य से खत्म करें।

5. इन्वायरमेंटल

  • आदिनाथ अपने गले में सांप को लपेटे रखते हैं और नंदी की सवारी करते हैं। वह पर्वत पर रहते हैं और कंदमूल खाते हैं। उनके भक्तों में तमाम पशु-पक्षी, देव दानव शामिल हैं। उनका यह स्वरूप पर्यावरण के प्रति उनके प्रेम को दिखाता है।

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