जब वह वास्तव में काला है तो कृष्णा का रंग नीला क्यों दर्शाया गया है ?

भगवान श्रीकृष्ण का रंग काला नही बल्कि जल से भरे बादलों के समान श्याम है, इसीलिए वे ‘घनश्याम’ कहलाते हैं ।

भगवान चाहे राम हो, कृष्ण हो या विष्णु; सभी का वर्ण नीला ही है। इसीलिये इन्हें नीलाम्बुजमेघवर्णनीलमणिगगनसदृश आदि उपमाएं दी जाती हैं। प्रश्न यह है कि भारतीय संस्कृति में चित्रों व प्रतिमाओं में भगवान को नीलवर्ण का क्यों दिखाया जाता है?

नीलवर्ण विशाल, व्यापकता और अनन्तता का द्योतक है। अगाध आकाश का रंग नीला है, वैसे ही अनन्त महासागर का रंग भी नीला है।

प्रभु का स्वरूप विशाल है, उनकी महिमा अपार है, हम किसी भी भौतिक वस्तु से भगवान की तुलना नहीं कर सकते। नमक की पुतली यदि सागर की गहराई नापने जायेगी तो क्या वह स्वयं गल नहीं जायेगी?

प्रभु के दर्शन करने वाले भगवद्भक्त उनकी विशालता, व्यापकता और अनन्तता का सतत अनुभव कर सकें, इसी लिए भगवान के चित्रों और प्रतिमाओं में प्रभु को नीलवर्ण का रखा गया है।

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