अपने अंदर आनंद का रसायन पैदा करें

साधना से शरीर का संतुलन बनाए रखा जा सकता है क्योंकि जिसे आप ‘मेरा शरीर’ कहते हैं, वह एक रासायनिक सूप है। अगर आप इसमें सही रसायन नहीं डालेंगे तो यह रोज डांवाडोल होगा। कुछ लोग मानते हैं कि उनके अंदर कुदरती तौर पर संतुलन है। उस कुदरती संतुलन को भी कायम और उसी स्तर पर रखने के लिए मेहनत करनी पड़ती है। अगर आप इसके लिए कुछ नहीं करेंगे, तो जीवन के हालात उस सूप को बाहर फेंक देंगे। वह आपके चेहरे पर छलक जाएगा। आपका अपना रासायनिक सूप आपके चेहरे पर छलक रहा है। अगर वह खराब हो गया है, तो यह आपके लिए अच्छा नहीं होगा। इसलिए आपको इस सूप को संतुलित करने की जरूरत है, वैसे यह एक शानदार सूप है। अगर आप चाहें तो इसका स्वाद चखकर परम आनंद का मजा ले सकते हैं।

अगर अभी आप आनंदित महसूस कर रहे हैं, तो इसके पीछे एक रसायन काम कर रहा है। अगर आप दुखी हैं, तो उसके पीछे भी एक रसायन काम कर रहा है। इस रासायनिक सूप को, जो हमारा शरीर है, घटिया नहीं बल्कि बहुत शानदार सूप बनाना बहुत महत्वपूर्ण है। रोज की साधना से अपने सूप को आप बेहतर बनाते हैं। हम आपको जो सरल प्रक्रिया सिखाते हैं, यह आपकी मदद करेगा। अगर अभी आपकी रासायनिक संरचना बहुत अच्छी है, तो आप मानसिक, भावनात्मक, शारीरिक स्तर पर शानदार महसूस करेंगे।

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