जीवन के सबसे कठिन मोड़ पर धोखा देते हैं ऐसे पुरुष, इनपर कभी ना करें भरोसा

चाणक्य नीति जीवन के कटु सत्यों तथा अनुभवों पर अधारित वह जीवन-सूक्त है जिसपर अमल कर व्यक्ति कई प्रकार की अनावश्यक परेशानियों से बच सकता है। इन सूक्तियों में किसी प्रकार के धर्म सम्मत नियमों की बात नहीं की गई है, बल्कि यह आपको सावधानीपूर्वक खुशहाल और सुरक्षित जीवन जीने की ओर अग्रसर करता है।

ज्यादातर समय आपने स्त्रियों से संबंधित चाणक्य नियमों के विषय में सुना होगा, यहां हम आपको चाणक्य द्वारा बताया गया पुरुषों से संबंधित उस नियम के बारे में बता रहे हैं जिसमें ऐसे लोगों से दूर रहने की सलाह दी गई है। क्यों और किसलिए, इसका भी कारण बताया गया है।

चाणक्य शास्त्र में वर्णित एक श्लोक में कहा गया है – “नि:स्पृजहो नाधिकारी स्यासन्नाककामो मण्डगनप्रिय:। नाविदग्धे: प्रियंब्रूयात स्पंष्ट वक्तां न वचक:।।” अर्थात जो भी पुरुष दिखावे में यकीन रखता हो ऐसे पुरुषों पर कभी भी भरोसा नहीं करना चाहिए।

किंतु जो पुरुष स्पष्टवक्ता अर्थात साफ-साफ शब्दों में बातों को बिना कोई मोड़ दिए हुए बात करते हैं, उनका साथ जीवन में खुशी और संपन्नता लाता है।

ऐसे पुरुष स्वयं को जीवन में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करते हैं और दिखावे की चीजों को बहुत अधिक महत्व नहीं देते।

इसके विपरीत जो पुरुष स्वयं को आकर्षणी शक्ति से बांधते हैं, अर्थात खुद की साज-सज्जा पर बहुत अधिक ध्यान देते हैं उनका दिल बहुत ईमानदार नहीं होता। ये ना अपने लिए ईमानदारी से कोई प्रयास करते हैं और ना ही दूसरों के लिए ऐसा कर पाते हैं।

ऐसे पुरुष स्त्रियों के प्रति खास आकर्षण रखते हैं, लेकिन किसी एक स्त्री पर टिक भी नहीं पाते। जीवन के किसी भी मोड़ पर ये धोखा दे सकते हैं, इसलिए इनसे जितना संभव हो दूर रहें। विशेषकर स्त्रियों को ऐसे पुरुषों के प्रेम में नहीं पड़ना चाहिए, वरना वे जीवनभर दुख उठाती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *