भविष्य की जानकारी…एक धोखा

हर कोई अपना भविष्य जानने, उसे संवारने और सुनिश्चित करने की होड़ में लगा है। लेकिन कैसे संवरेगा आपका भविष्य? क्या योजनाओं से? लेकिन क्या जब भविष्य का अस्तित्व ही नहीं है तो ऐसी चीज को भला संवारें कैसे?———————- भविष्य को संभालने के कई तरीके हैं।

दरअसल, भविष्य एक ऐसी चीज है, जिसका कोई अस्तित्व ही नहीं है। हमने अपने अनुभव में इसका कोई अस्तित्व नहीं देखा है, लेकिन इसकी संभावना जरूर है। कुछ लोग अपनी विवशताओं के अनुसार अपने भविष्य की योजनाएं बना लेते हैं, कुछ लोग अपनी जाग्रत इच्छाओं के आधार पर भविष्य की योजनाएं बनाते हैं जबकि कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो बड़ी-बड़ी गलतियां करते जाते हैं।जाहिर है, कोई अपनी जिंदगी से क्या चाहता है, इस बात की योजना पूरे होशोहवास में बनाना बड़ी महत्वपूर्ण बात है। जो भी आपको चाहिए, वह आप पूरे होशोहवास में सोचें, किसी चीज या बात की प्रतिक्रिया के रूप में नहीं।

जो भी चीजें पूरे होशोहवास में सोची जाती हैं, अगर उनमें से कोई आप चुनते हैं तो इसका नतीजा आपको अच्छा ही मिलेगा।आप क्या चुनते हैं, यह महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि आप जो भी चुनते हैं, फिर उसके पीछे अपना जीवन लगा देते हैं। आप जो भी चुनते हैं, उसमें खुद को झोंक देना चाहते हैं।आपने सीतम्मा के खीर के बारे में सुना है? सीतम्मा के खीर की कोई तुलना ही नहीं थी। लोगों को हैरानी होती थी कि आखिर कैसे उन्होंने इतना शानदार खीर बना दिया। लोग कहते थे कि यह बड़ा पवित्र और स्वादिष्ट होता है। इस पर काफी शोध किया गया। यह जानने की कोशिश की गई कि सीतम्मा के खीर में आखिर वे कौन सी चीजें डाली जाती हैं, जो इसे इतना खास बना देती हैं। फिर पता चला कि उसमें वे ही सब चीजें डाली जा रही थीं, जो आम लोग खीर में डालते हैं। आमतौर पर होता है कि पहले लाखों डॉलर खर्च करके शोध किया जाता है और उसके बाद ही उस व्यक्ति से इस बारे में पूछा जाता है, जो इसे बनाता है। खैर एक दिन सीतम्मा से पूछा गया – ऐसा क्या है जो आपके खीर को इतना खास बना देता है ? कुछ तो खास है, जो आप इसमें डालती हैं। सीतम्मा ने कहा – ‘मैं इसमें खुद को डालती हूं। बस इसी से यह इतना अच्छा बन जाता है।‘ तो कहने का अर्थ यह है कि चाहे ब्रह्मचर्य हो या शादी आपको उसमें खुद को झोंक देना होगा, नहीं तो इनमें से कुछ भी सफल नहीं होगा।देखा जाए तो अस्तित्वहीन भविष्य की जानकारी के साथ आप एक तरह की निश्चितता लाने की कोशिश कर रहे हैं। ईरान का एक व्यक्ति जॉर्ज डब्लू बुश से मिला। बुश उस समय अमेरिका के राष्ट्रपति थे। उस शख्स ने बुश से पूछा – ‘श्रीमान जी, मेरा आठ साल का बेटा इस बात से बड़ा निराश है कि अमेरिका में बनी स्टार ट्रेक फिल्म में हर तरह के लोग हैं। इसमें मौजूद चेकव का किरदार रूसी है, सुलु चीनी है जबकि स्कॉटी किरदार स्कॉटिश का है, लेकिन अरब का कोई चरित्र नहीं है। सबसे बड़ी बात यह कि फिल्म में कोई भी ईरानी नहीं है। मेरा बेटा बहुत निराश है। ऐसा क्यों?’ वह बस इतना जानना चाहता था कि फिल्म से ईरानी लोगो को क्यों बाहर रखा गया? बुश ने कहा – क्योंकि वह भविष्य पर आधारित फिल्म है।तो आप एक बीज डाल सकते हैं और भविष्य का इंतजार कर सकते हैं। अपने भविष्य को बनाने का यह एक तरीका है। एक और तरीका यह है कि आप अपने आपको एक सही रास्ते पर डाल दें। जब स्थितियां अनुकूल होंगी तो आपको जहां जाना है, आप पहुंच ही जाएंगे। भविष्य को संभालने के ये अलग-अलग तरीके हैं।आपको यह बात समझनी होगी कि आप एक ऐसी चीज को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, जो अभी है ही नहीं और जो फिलहाल है, उसे आप संभाल नहीं रहे। जीवन की प्रकृति ही ऐसी है। जब बच्चा मां के पेट में होता है तो हर पल उसे मां की ओर से पोषण मिलता रहता है, लेकिन न तो बच्चे को यह पता होता है कि मां का चेहरा कैसा है और न ही मां यह देख पाती है कि उसका बच्चा कैसा है। दोनों एक दूसरे से जुड़े होते हैं, फिर भी दोनों पूरी तरह अजनबी होते हैं। ठीक इसी तरह आप इस जगत में हैं। कई मामलों में आप इस जगत की गोद में हैं या कह सकते हैं कि इस जगत की रचना करने वाले के गर्भ में हैं, लेकिन फिर भी जब तक आप अपने आवरण से बाहर नहीं आएंगे, जब तक आप गर्भ के आराम से बाहर नहीं निकलेंगे, आप उस ईश्वर के चेहरे को नहीं जान पाएंगे और न ही वह आपको जान पाएगा।गर्भ का अनुभव सभी को होता है। गर्भ शानदार जगह है, लेकिन समस्या यह है कि वहां अंधकार होता है और आपकी आंखें बंद होती हैं। आप कुछ भी देख नहीं पाते। माता के गर्भ में अगर आप अपनी आंखें खोल पाते और टॉर्च लगाकर देख पाते तो आपको पता चलता कि जीवन कैसे बनता है। आपको पता चलता कि जीवन का स्रोत क्या है, लेकिन समस्या यह है कि वहां सब अंधकार होता है और उस पर एक और मुसीबत, वहां आपकी आंखें बंद होती हैं।एक शख्स ने दूसरे से कहा – यहां बड़ा अंधकार है। दूसरे ने कहा – मुझे नहीं पता। मैं कुछ देख ही नहीं सकता। तो भविष्य भी ऐसा ही है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपने अपनी योजना को कितनी बार देखा, आपने अपने सितारों को कितनी बार देखा, कितनी बार आपने अपनी जनमपत्री दिखाई, कितने ज्योतिषियों से आपने सलाह ली, कुछ भी हो, आप अंधकार में ही हैं। आपको भविष्य की जानकारी नहीं मिलने वाली और शायद इसी वजह से जीने का अपना आनंद है, क्योंकि आपको नहीं पता कि अगले पल क्या होने वाला है।तो किसी भी तरह से आप नहीं जानते। जिस चीज को आप जान सकते हैं, उसे आपको नहीं भूलना चाहिए। हर चीज आपके सामने एक बड़ा सा अंधकार है। आशा एक धोखा है। यह निराशा ही है जो आपको ज्ञानोदय की ओर ले जाएगी। आशा आपको ऐसी चीजों में भरोसा करना सिखाएगी जो हैं ही नहीं, लेकिन दुनिया भर के धर्म लोगों को आशा बेच रहे हैं, क्योंकि वे हमेशा से ऐसी चीजों का व्यापार करते रहे हैं जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं है। जिस चीज का कोई अस्तित्व ही नहीं है, उसके लिए कम से कम पैसा तो नहीं लिया जाना चाहिए। लेकिन वे हमेशा उन चीजों का ही व्यापार करते आ रहे हैं जो अस्तित्व में नहीं हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *