15 Quotes / Sadhguru Hindi / Part 13

  • आपके लिए जो घातक है वे आपके काम-धाम नहीं हैं। बात बस इतनी है कि आप अपने विचारों और भावनाओं में बहुत बुरी तरह से उलझ गए हैं।

  • सिर्फ शरीर, दिमाग और भावनाओं को ही किसी के संग की जरूरत होती है – सीमित की यही प्रकृति है। पर अगर आप गहराई में जाकर देखें तो असीम (जाे सीमित नहीं है) को किसी के संग की जरूरत नहीं होती।

  • अगर आपकी कोई भागीदारी नहीं है, तो कोई आध्यात्मिक प्रक्रिया भी नहीं होगी। यह भागीदारी से ही होती है, किसी कार्य-विशेष से नहीं।

  • गुस्सा, डर और नाराजगी, ये सभी आपकी विवशता की उपज हैं। आपको जिससे परे जाना है, वह आपकी विवशता ही है।

  • श्रद्धा प्रेम से पैदा होती है। विश्वास हिसाब-किताब लगाने से पैदा होता है – इसका संबंध सुरक्षा, बचाव और सुविधा से है।

  • अपनी सीमाओं और संभावनाओं को ठीक से समझे बिना आप अगला कदम नहीं उठा सकते।

  • आपकी शिक्षा, आपका परिवार, आपका घर, और बाकी सब कुछ बस सहायक चीजें हैं। जीवन में जो सबसे कीमती चीज है वह खुद जीवन है।

  • अगर आप अपने जीवन में ‘ईशा योग’ के हर पहलू पर पूरी तरह से अमल करते हैं, तो यह खुद में एक संपूर्ण मार्ग है।

  • समाज जैसी कोई चीज नहीं होती। सिर्फ अलग-अलग मनुष्य होते हैं।

  • दुनिया चाहती है कि आप सुखद बनें। लेकिन आध्यात्मिक प्रक्रिया जीवन को रूपांतरित करने के बारे में है, न कि अच्छे बर्ताव के बारे में।

  • लोगों की “आज़ादी” की समझ पूरी तरह से बिगड़ी हुई है। अपनी विवशताओं के आगे घुटने टेक देना आज़ादी नहीं है।

  • जो भी चीज आपके जीवन को पोषित करती है और बनाए रखती है – वह ईश्वरीय है।

  • धरती माता बहुत उदार हैं। अगर हम सिर्फ उसे एक मौका दें, तो वह फिर से सबकुछ भर देगी- पूरी प्रचुरता और सुंदरता के साथ।

  • ज्यादा काम करने से सफलता नहीं मिलती है। यह सही चीजें करने से मिलती है।

  • आप जो गिन सकते हैं, उसका जीवन में सबसे कम महत्व है। आप जो गिन नहीं सकते, वही वाकई मायने रखता है।

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