15 Quotes / Sadhguru Hindi / Part 26

  • यह असत्य से सत्य की यात्रा है। विजय प्राप्त करने का गुर यह जानने में है कि आप जो हैं, वह इस शरीर और मन से परे है।

  • मेरे अनुभव में न तो अतीत है और न ही भविष्य। हर चीज बस है।

  • आप इस दुनिया में कौन हैं यह दूसरों की राय से तय होता है – इसलिए यह महत्व नहीं है। आप अपने भीतर कौन हैं, यही महत्वपूर्ण है।

  • अगर आपका शरीर और मन आपसे निर्देश लें, तो स्वस्थ होना, शांतिपूर्ण होना, खुश रहना उसका स्वाभाविक परिणाम होगा।

  • अगर आपमें समावेशी भावना नहीं है, तो जीवन में कोई सचेतन सामंजस्य नहीं होता। इस सचेतन सामंजस्य के अभाव से अंतहीन तकलीफें पैदा होती हैं।

  • जानकारी, ज्ञान और समझ में अंतर है – जानकारी इकट्ठी की जा सकती है, ज्ञान एक अनुभूति है, और समझ आपको अर्जित करनी पड़ती है।

  • आपके दिमाग में जो चल रहा होता है, उसका एक बड़ा हिस्सा बस दिमागी-दस्त है – ये ज़बरदस्ती निरंतर चलते रहता है।

  • हठ योग का काम यह है – कि अगर आप पूरी जागरूकता में थोड़ी देर तक किसी आसन में बने रखते हैं, तो जिस तरह से आप सोचते हैं, महसूस करते हैं और जीवन को अनुभव करते हैं, उसे यह बदल सकता है।

  • उत्सव मनाना किसी खास अवसर तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। आपका पूरा जीवन, आपका पूरा अस्तित्व ही एक उत्सव बन जाना चाहिए।

  • यह मेरी कामना और मेरा आशीर्वाद है कि आपकी पहुंच अपने अस्तित्व के भीतरी आयाम तक हो। आप जहां भी जाएंगे यह आपके साथ रहेगी।

  • अगर आप किसी से प्रेम करते हैं, तो आपको उनके लिए वो करना चाहिए जो उन्हें पसंद है, न कि वो जो आपको पसंद है।

  • अपने जीवन को पूरी जागरूकता में संभालना ही आपके जीवन की प्रकृति, संदर्भ और गुणवत्ता को तय करेगा।

  • विशेष बनने की भावना का नतीजा है लगाव। जैसे ही आप चीजों को चुनने लगते हैं, आप स्वाभाविक रूप से उलझ जाते हैं।

  • मन खोज करने का एक साधन है, न कि नतीजे निकालने का।

  • आप अतीत या भविष्य का कष्ट नहीं भुगत सकते, क्योंकि उनका अस्तित्व ही नहीं है। आप जो भोग रहे हैं, वे आपकी स्मृति और आपकी कल्पना हैं।

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