15 Quotes / Sadhguru Hindi / Part 32

  • नश्वरता व मृत्यु को अनदेखा करना सबसे बड़ी अज्ञानता है।

  • आज का यह दिन व समय ग्रहणशीलता, कृपा, आत्मबोध, और परम-मुक्ति का है। मेरी कामना है कि आप परम के लिए प्रेरित हों।

  • अब समय आ गया है कि हम दुनिया को समावेशी-भावना और उदारता से जीत लें, न कि युद्ध और क्रूर ताकत से।

  • एक महान राष्ट्र बनाने के लिए जरुरी है कि राष्ट्र का विचार लोगों के दिल में प्रेम और गर्व पैदा करे।

  • ईश्वर एक द्वार है, न कि मंजिल।

  • ऊर्जा सिर्फ तभी उपयोगी होती है, जब आप इसे अपनी इच्छा अनुसार संचालित कर सकें। और तभी एक इंसान एक आध्यात्मिक संभावना में रूपांतरित होता है।

  • संक्रांति या पोंगल उन सभी चीजों का उत्सव है, जो हमारे जीवन को बनाते हैं – धरती, पशु, हवा, पानी और लोग। आइए इसका आनंद लें!

  • जिन्होंने योग-संस्कृति की स्थापना की, वे विचारों और भावनाओं के वश में नहीं थे। वे जागरूकता और बोध से संचालित होते थे।

  • आप जो भी करते हैं, बस यह जांचें – क्या यह दूसरों की खुशहाली के लिए है, या यह आपके लिए है? अगर यह आपके लिए है, तब आपको इसे नहीं करना चाहिए।

  • यह मेरी कामना और आशीर्वाद है कि जिन चीजों को आपने कभी सोचा नहीं था कि वे संभव हैं, वो आपके लिए साकार हों।

  • अर्थव्यवस्था की सेहत के लिए हम इंसान की सेहत से समझौता कर लेते हैं। अब समय आ गया है कि चेतना हमारे जीवन का मार्गदर्शन करे।

  • बच्चे बुरे नहीं होते – असर बुरे होते हैं।

  • जो चीजें आप बदल सकते हैं, उनमें खुद को झोंक दें, और जो चीजें आप नहीं बदल सकते, उनको स्वीकार करें, वरना आप खिन्न रहेंगे और वह नहीं कर पाएंगे जो आप कर सकते हैं।

  • अगर आप जागरूक होकर किसी एक आसन में रहते हैं, तो जैसे आप सोचते हैं, महसूस करते हैं और जीवन को अनुभव करते हैं, उसे यह बदल सकता है। हठ-योग यह कर सकता है।

  • निश्चल होकर बैठने के लिए, सिर्फ अपने शरीर पर काम करना काफी नहीं है। आपको अपने मन, भावनाओं, और ऊर्जा को भी ठीक करना होगा।

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