15 Quotes / Sadhguru Hindi / Part 91

  • हमारा शरीर मिट्टी का है। हम इस धरती पर शालीनतापूर्वक और पूरी समझदारी से चलें।

  • आपको किसी से लगाव है – इस लगाव का संबंध उस इंसान से नहीं है। इसका संबंध आपकी अपनी अपूर्णता के भाव से है।

  • जिस इंसान के अन्दर वाकई परवाह जैसी चीज है, वह जरूरत पड़ने पर बदनाम होने की हिम्मत भी रखता है।

  • चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों, आपका दुखी होना कोई समाधान नहीं है। आपका दुखी होना एक और समस्या बन जाएगा।

  • जमीन पर दृढ़ता से जमे रहना और फिर भी ऊपर उठकर आसमान छू लेना – यही आध्यात्मिक प्रक्रिया का सार है।

  • मेरी कामना है कि आपका अंतरतम खिल उठे और सभी के जीवन में आनंद और सुंदरता बिखेरे। गुरु की असीम कृपा आपके ऊपर है। प्रेम और आशीर्वाद

  • धरती का हर प्राणी पर्यावरण का मित्र है। सिर्फ इंसान को ही जागरूक होकर जीना सीखने की जरूरत है।

  • अगर आपके सहज गुणों और संभावनाओं को प्रकट होना है, तो इसके लिए स्वेच्छा के हाईवे की जरूरत होगी, न कि अनिच्छा के पिंजड़े की।

  • आपको अपना शरीर मंद हवा की तरह महसूस होना चाहिए। सिर्फ तभी आप वाकई सेहतमंद होंगे।

  • मन और भावना के स्तर पर आप अभी जैसे हैं – यह आपके हर काम में जाहिर होता है।

  • कोई भी काम जिसे आप खुशी-खुशी करते हैं, वह हमेशा बड़ी आसानी से हो जाता है।

  • मेरे समझ में यह नहीं आता कि लोग अपने मन को नियंत्रित क्यों करना चाहते हैं। मैं चाहता हूं कि वे अपने मन को आजाद कर दें।

  • ऊर्जा के कभी खत्म न होने वाले स्रोत से जुड़े रहना ही योग है। हो सकता है आपके जीवन में कभी-कभार कोई चीज गलत हो जाए। लेकिन अगर आपका मन और आपकी ऊर्जा ही आपको हराने पर लगी हुई हैं, तो जीवन दुखों का एक सिलसिला बन जाएगा।

  • आराम आपके शरीर में एक तरह की चिकनाई का काम करता है। अगर पूरा आराम नहीं मिलता तो आपके भीतर घर्षण होगा।

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