15 Quotes / Sadhguru Hindi / Part 109

  • शिक्षा बस जानकारी इकट्ठा करना नहीं है, यह असल में व्यक्ति के बोध की क्षमता को बढ़ाने के लिए है।

  • किसी चीज़ को उच्च दृष्टि से न देखें, और न ही किसी चीज़ को निम्न दृष्टि से देखें। तभी आप सृष्टि को वैसी देखेंगे जैसी वह है।

  • आप जो करते हैं, उससे ये तय नहीं होना चाहिए कि आप कौन हैं। आप जो हैं, उससे ये तय होना चाहिए कि आप क्या करते हैं।

  • जीवन एक खास रफ्तार में चलता है। आपको जल्दी में होना चाहिए, पर आनंदपूर्वक। कभी बेचैन नहीं होना चाहिए।

  • शंका होना अच्छा है – इसका मतलब है कि आप सत्य को खोज रहे हैं। शक करना बीमारी है – इसका मतलब है कि आपने पहले से ही नकारात्मक राय बना ली है।

  • आपके शरीर का हर कण पूरे ब्रह्माण्ड के संपर्क में है। इसको अनुभव करने के लिए ही योग है।

  • बोलने की स्वतंत्रता हमारे संविधान में इसलिए दी गई है ताकि हम देश के निर्माण में इसका उपयोग करें, न कि देश को टुकड़ों में बांटने के लिए। हर नागरिक को इस जिम्मेदारी का एहसास होना चाहिए।

  • जीवन में सबसे महत्वपूर्ण चीज़ संतुलन है। अगर संतुलन नहीं होगा, तो आपका अपना शरीर और मन आपके खिलाफ काम करेंगे।

  • स्वास्थ्य सिर्फ निरोग होना नहीं है। स्वास्थ्य का मतलब है आपके शरीर की हर कोशिका में जीवन उमड़ रहा है।

    वसंत की खूबसूरती ये है कि फल अभी निकला नहीं होता है, पर जो फूल है, वो एक वादा और एक संभावना संजोए होता है।

  • आपके पास क्या है, आप क्या पहनते हैं, आप कहां रहते हैं, आपके आस-पास कौन है – यह जीवन नहीं है। आपके अनुभव की गहनता ही जीवन है।

  • नीतियों की और सरकार के काम करने के तरीके की रचनात्मक आलोचना करना ठीक है। यह प्रजातंत्र के जीवित रहने के लिए सांस की तरह है। पर अंधाधुंध विरोध करना पक्षपात है।

  • स्वर्ग और नर्क कोई भौगोलिक स्थान नहीं हैं, वे बस अनुभव के आयाम हैं।

  • अपने जीवन को लेकर बहुत गंभीर मत होइए। गंभीर होने से, जीते जी आपमें मुर्दों जैसे गुण आ जाएंगे।

  • सवाल यह नहीं है कि आप कितना कुछ करते हैं। सवाल सिर्फ ये है कि क्या आप पूरी तरह से समर्पित हैं। क्या आपका जीवन पूरे प्रवाह में है?

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